गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

आज का राहुकाल कोलकाता

12:45 – 14:10

सूर्योदय 05:39 · सूर्यास्त 17:00 · यमगंड 05:39 – 07:04 · गुलिक काल 08:29 – 09:54

कोलकाता में अगले 30 दिनों का राहुकाल

तिथिराहुकालयमगंडगुलिक काल
29 अक्टूबर, गुरुवार12:45 – 14:1005:39 – 07:0408:29 – 09:54
30 अक्टूबर, शुक्रवार09:55 – 11:2014:10 – 15:3507:04 – 08:29
31 अक्टूबर, शनिवार08:30 – 09:5512:44 – 14:0905:40 – 07:05
1 नवंबर, रविवार15:34 – 16:5911:19 – 12:4414:09 – 15:34
2 नवंबर, सोमवार07:06 – 08:3009:55 – 11:1912:44 – 14:09
3 नवंबर, मंगलवार14:08 – 15:3308:30 – 09:5511:19 – 12:44
4 नवंबर, बुधवार11:19 – 12:4407:06 – 08:3109:55 – 11:19
5 नवंबर, गुरुवार12:44 – 14:0805:43 – 07:0708:31 – 09:55
6 नवंबर, शुक्रवार09:55 – 11:2014:08 – 15:3207:07 – 08:31
7 नवंबर, शनिवार08:32 – 09:5612:44 – 14:0805:44 – 07:08
8 नवंबर, रविवार15:31 – 16:5511:20 – 12:4314:07 – 15:31
9 नवंबर, सोमवार07:09 – 08:3209:56 – 11:2012:43 – 14:07
10 नवंबर, मंगलवार14:07 – 15:3108:33 – 09:5611:20 – 12:43
11 नवंबर, बुधवार11:20 – 12:4307:10 – 08:3309:56 – 11:20
12 नवंबर, गुरुवार12:43 – 14:0705:47 – 07:1008:33 – 09:57
13 नवंबर, शुक्रवार09:57 – 11:2014:07 – 15:3007:11 – 08:34
14 नवंबर, शनिवार08:34 – 09:5712:43 – 14:0705:48 – 07:11
15 नवंबर, रविवार15:29 – 16:5211:20 – 12:4314:06 – 15:29
16 नवंबर, सोमवार07:12 – 08:3509:58 – 11:2112:44 – 14:06
17 नवंबर, मंगलवार14:06 – 15:2908:35 – 09:5811:21 – 12:44
18 नवंबर, बुधवार11:21 – 12:4407:13 – 08:3609:58 – 11:21
19 नवंबर, गुरुवार12:44 – 14:0605:51 – 07:1408:36 – 09:59
20 नवंबर, शुक्रवार09:59 – 11:2214:06 – 15:2907:14 – 08:37
21 नवंबर, शनिवार08:37 – 09:5912:44 – 14:0605:52 – 07:15
22 नवंबर, रविवार15:29 – 16:5111:22 – 12:4414:06 – 15:29
23 नवंबर, सोमवार07:16 – 08:3810:00 – 11:2212:44 – 14:07
24 नवंबर, मंगलवार14:07 – 15:2908:39 – 10:0111:23 – 12:45
25 नवंबर, बुधवार11:23 – 12:4507:17 – 08:3910:01 – 11:23
26 नवंबर, गुरुवार12:45 – 14:0705:56 – 07:1808:39 – 10:01
27 नवंबर, शुक्रवार10:02 – 11:2314:07 – 15:2907:18 – 08:40
28 नवंबर, शनिवार08:40 – 10:0212:45 – 14:0705:57 – 07:19

राहुकाल क्या है?

राहुकाल (राहु काल) हर दिन लगभग डेढ़ घंटे का वह समय है जिसे परंपरा में नए काम शुरू करने के लिए अशुभ माना जाता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और उनमें से एक भाग राहु का होता है, जो हर वार अलग होता है।

राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर है, इसलिए यह हर शहर और हर दिन बदलता है। इसकी अवधि भी साल भर बदलती है: गर्मियों में, जब दिन लंबे होते हैं, यह लंबा होता है और सर्दियों में छोटा।

परंपरा के अनुसार राहुकाल में कोई महत्वपूर्ण नया काम शुरू नहीं करना चाहिए: यात्रा, खरीदारी, व्यापारिक सौदा, गृह प्रवेश या इंटरव्यू। जो काम पहले से चल रहा है वह जारी रह सकता है, और इस समय पूजा, विशेषकर दुर्गा जी या राहु की उपासना, शुभ मानी जाती है।

यमगंड और गुलिक काल भी इन्हीं आठ भागों में से हैं। यमगंड में भी नए काम शुरू नहीं किए जाते; गुलिक काल में शुरू किया गया काम दोहराया जाता है, ऐसा माना जाता है, इसलिए इसमें वे काम नहीं किए जाते जिन्हें दोहराना न चाहें, जैसे अंतिम संस्कार या कर्ज़ लेना।

वार के अनुसार दिन का कौन-सा भाग

वारराहुकालयमगंडगुलिक काल
रविवार857
सोमवार246
मंगलवार735
बुधवार524
गुरुवार613
शुक्रवार472
शनिवार361

सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन आठ भागों में बँटता है; अंक बताते हैं कि हर काल कौन-सा भाग लेता है। हर शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त (सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित) से गणना, जैसे अधिकांश भारतीय पंचांग करते हैं। समय IST में है।

दूसरे शहर का राहुकाल

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