ताड़पत्र
अस्वीकरण
ताड़पत्र पर दी गई ज्योतिष और पंचांग की जानकारी परंपरा पर आधारित मार्गदर्शन है। कृपया इसे इसी रूप में लें।
अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
मार्गदर्शन, पेशेवर सलाह नहीं
कुंडली, कुंडली मिलान, मुहूर्त, दोष और उनके परिहार की जानकारी शास्त्रीय परंपरा पर आधारित है। यह चिकित्सा, कानूनी, आर्थिक या मनोवैज्ञानिक सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य, पैसे, कानून या मन से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें, और ज्योतिष के कारण ऐसी सलाह लेने में देर न करें।
गणना कैसे होती है
ग्रहों की स्थिति NASA JPL के खगोलीय आँकड़ों से ली जाती है और लाहिड़ी अयनांश लगाया जाता है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण और मुहूर्त हर शहर के अपने सूर्योदय से निकाले जाते हैं।
गणना की पद्धति, अयनांश और सूर्योदय मानने के तरीके में अंतर के कारण हमारे समय दूसरे पंचांगों से कुछ मिनट अलग हो सकते हैं। किसी ऐसे काम के लिए जिसमें मिनट-मिनट का महत्व हो, अपने पंडित या पुरोहित से भी पुष्टि कर लें।
क्षेत्रीय परंपराएँ अलग होती हैं
भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में त्योहार और व्रत की तिथि तय करने के नियम, महीनों की गणना (पूर्णिमांत या अमांत) और पूजा की विधि अलग-अलग हो सकती है। त्योहारों के लिए हम धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु की परंपरा का पालन करते हैं। आपके परिवार या क्षेत्र की परंपरा अलग हो तो उसी का पालन करें।
कुंडली और कुंडली मिलान
कुंडली की सटीकता जन्म के समय और स्थान की सटीकता पर निर्भर करती है; कुछ मिनट का अंतर भी लग्न और दशा बदल सकता है। गुण मिलान विवाह के निर्णय में परंपरा का केवल एक पहलू है। ऐसे बड़े निर्णय परिवार और संबंधित व्यक्तियों की आपसी समझ से ही लिए जाने चाहिए।
आरती, मंत्र और कथाएँ
आरती, मंत्र और कथाओं के पाठ उसी रूप में दिए गए हैं जिस रूप में वे आम तौर पर गाए और पढ़े जाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इनके पाठ में थोड़ा अंतर हो सकता है।
ज़िम्मेदारी
साइट की जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय और उसके परिणाम की ज़िम्मेदारी आपकी अपनी है। कोई त्रुटि दिखे तो हमें बताएँ, हम उसे जल्द से जल्द सुधारेंगे।
हमारी नीतियाँ
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