कोलकाता

नामकरण मुहूर्त 2027: शुभ तिथियाँ और समय

शिशु के नामकरण संस्कार के लिए शुभ तिथियाँ और समय। परंपरा में यह जन्म के 11वें या 12वें दिन, या उसके बाद के पहले शुभ दिन किया जाता है।

118 मुहूर्त · कोलकाता

जनवरी 2027

  • जनवरी1शुक्रवार13:10 – 01:43 (2 जनवरी)नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: कृष्ण दशमी
  • जनवरी4सोमवार18:16 – 00:15 (5 जनवरी)नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • जनवरी8शुक्रवार04:34 – 06:18 (9 जनवरी)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल द्वितीया
  • जनवरी11सोमवार06:18 – 09:28नक्षत्र: धनिष्ठातिथि: शुक्ल तृतीया
  • जनवरी14गुरुवार13:59 – 06:18 (15 जनवरी)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • जनवरी15शुक्रवार06:18 – 14:13नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • जनवरी20बुधवार06:18 – 16:17नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • जनवरी22शुक्रवार07:38 – 06:18 (23 जनवरी)नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
  • जनवरी25सोमवार06:00 – 06:17 (26 जनवरी)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण पंचमी
  • जनवरी28गुरुवार15:52 – 04:03 (29 जनवरी)नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: कृष्ण सप्तमी

फ़रवरी 2027

  • फ़रवरी4गुरुवार15:32 – 16:31नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • फ़रवरी8सोमवार06:12 – 01:57 (9 फ़रवरी)नक्षत्र: शतभिषातिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • फ़रवरी10बुधवार03:05 – 06:11 (11 फ़रवरी)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
  • फ़रवरी11गुरुवार06:11 – 03:18 (12 फ़रवरी)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
  • फ़रवरी12शुक्रवार02:59 – 05:56 (13 फ़रवरी)नक्षत्र: अश्विनीतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • फ़रवरी18गुरुवार14:28 – 06:05 (19 फ़रवरी)नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • फ़रवरी19शुक्रवार06:05 – 11:14नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • फ़रवरी22सोमवार11:55 – 06:03 (23 फ़रवरी)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
  • फ़रवरी24बुधवार20:40 – 06:01 (25 फ़रवरी)नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
  • फ़रवरी25गुरुवार06:01 – 20:18नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: कृष्ण पंचमी

मार्च 2027

  • मार्च3बुधवार01:06 – 05:55 (4 मार्च)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण एकादशी
  • मार्च4गुरुवार05:55 – 07:24नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण एकादशी
  • मार्च5शुक्रवार09:54 – 05:54 (6 मार्च)नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठातिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • मार्च10बुधवार05:50 – 05:49 (11 मार्च)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • मार्च11गुरुवार05:49 – 15:37नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल तृतीया
  • मार्च15सोमवार05:45 – 10:51नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: शुक्ल सप्तमी
  • मार्च17बुधवार06:46 – 05:43 (18 मार्च)नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
  • मार्च18गुरुवार05:43 – 15:07नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल एकादशी
  • मार्च22सोमवार05:39 – 05:38 (23 मार्च)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
  • मार्च24बुधवार05:37 – 00:51 (25 मार्च)नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
  • मार्च26शुक्रवार20:36 – 05:34 (27 मार्च)नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण पंचमी
  • मार्च31बुधवार22:16 – 05:29 (1 अप्रैल)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण दशमी

अप्रैल 2027

  • अप्रैल1गुरुवार05:29 – 11:33नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: कृष्ण दशमी
  • अप्रैल1गुरुवार00:45 – 05:28 (2 अप्रैल)नक्षत्र: श्रवणतिथि: कृष्ण एकादशी
  • अप्रैल2शुक्रवार05:28 – 02:52 (3 अप्रैल)नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठातिथि: कृष्ण एकादशी
  • अप्रैल8गुरुवार05:36 – 17:59नक्षत्र: अश्विनीतिथि: शुक्ल द्वितीया
  • अप्रैल19सोमवार05:13 – 06:08नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • अप्रैल21बुधवार05:11 – 04:44 (22 अप्रैल)नक्षत्र: स्वातीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
  • अप्रैल23शुक्रवार14:13 – 15:54नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण तृतीया
  • अप्रैल28बुधवार05:06 – 12:31नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण सप्तमी
  • अप्रैल30शुक्रवार17:14 – 05:04 (1 मई)नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषातिथि: कृष्ण दशमी

मई 2027

  • मई3सोमवार20:04 – 05:02 (4 मई)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • मई7शुक्रवार23:42 – 05:00 (8 मई)नक्षत्र: रोहिणीतिथि: शुक्ल द्वितीया
  • मई10सोमवार18:08 – 03:48 (11 मई)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: शुक्ल पंचमी
  • मई12बुधवार04:58 – 14:56नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • मई17सोमवार16:28 – 01:10 (18 मई)नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • मई20गुरुवार13:21 – 04:54 (21 मई)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
  • मई21शुक्रवार04:54 – 14:51नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण प्रतिपदा
  • मई24सोमवार22:59 – 04:53 (25 मई)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण पंचमी
  • मई27गुरुवार17:18 – 02:58 (28 मई)नक्षत्र: धनिष्ठातिथि: कृष्ण सप्तमी
  • मई31सोमवार10:02 – 04:51 (1 जून)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: कृष्ण एकादशी

जून 2027

  • जून2बुधवार08:29 – 12:17नक्षत्र: अश्विनीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • जून7सोमवार04:51 – 15:26नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: शुक्ल तृतीया
  • जून14सोमवार04:51 – 14:07नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल एकादशी
  • जून16बुधवार19:44 – 03:20 (17 जून)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • जून21सोमवार05:04 – 23:50नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
  • जून23बुधवार15:43 – 04:53 (24 जून)नक्षत्र: धनिष्ठातिथि: कृष्ण पंचमी
  • जून24गुरुवार04:53 – 18:10नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषातिथि: कृष्ण पंचमी
  • जून28सोमवार22:49 – 04:54 (29 जून)नक्षत्र: अश्विनीतिथि: कृष्ण दशमी

जुलाई 2027

  • जुलाई1गुरुवार19:31 – 04:55 (2 जुलाई)नक्षत्र: रोहिणीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • जुलाई2शुक्रवार04:55 – 15:23नक्षत्र: रोहिणीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • जुलाई5सोमवार04:56 – 04:57 (6 जुलाई)नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • जुलाई9शुक्रवार14:04 – 04:58 (10 जुलाई)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल सप्तमी
  • जुलाई12सोमवार11:41 – 23:56नक्षत्र: स्वातीतिथि: शुक्ल दशमी
  • जुलाई19सोमवार05:02 – 05:02 (20 जुलाई)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
  • जुलाई21बुधवार05:03 – 15:35नक्षत्र: धनिष्ठातिथि: कृष्ण तृतीया
  • जुलाई23शुक्रवार01:54 – 05:04 (24 जुलाई)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: कृष्ण पंचमी
  • जुलाई26सोमवार05:05 – 10:25नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: कृष्ण सप्तमी
  • जुलाई29गुरुवार07:34 – 05:06 (30 जुलाई)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: कृष्ण एकादशी

अगस्त 2027

  • अगस्त5गुरुवार02:27 – 05:09 (6 अगस्त)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: शुक्ल पंचमी
  • अगस्त6शुक्रवार05:09 – 00:23 (7 अगस्त)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल पंचमी
  • अगस्त11बुधवार05:11 – 09:14नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल दशमी
  • अगस्त16सोमवार23:45 – 05:14 (17 अगस्त)नक्षत्र: धनिष्ठातिथि: शुक्ल पूर्णिमा
  • अगस्त18बुधवार05:14 – 05:14 (19 अगस्त)नक्षत्र: शतभिषातिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
  • अगस्त26गुरुवार17:39 – 04:36 (27 अगस्त)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण दशमी

सितंबर 2027

  • सितंबर1बुधवार19:50 – 05:19 (2 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: शुक्ल द्वितीया
  • सितंबर2गुरुवार05:19 – 05:19 (3 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • सितंबर3शुक्रवार05:19 – 14:19नक्षत्र: हस्ततिथि: शुक्ल तृतीया
  • सितंबर6सोमवार03:48 – 05:20 (7 सितंबर)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल सप्तमी
  • सितंबर10शुक्रवार23:50 – 05:21 (11 सितंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल एकादशी
  • सितंबर13सोमवार05:22 – 00:40 (14 सितंबर)नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • सितंबर16गुरुवार13:44 – 05:23 (17 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: कृष्ण प्रतिपदा
  • सितंबर17शुक्रवार05:23 – 05:23 (18 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
  • सितंबर22बुधवार17:17 – 02:00 (23 सितंबर)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: कृष्ण सप्तमी
  • सितंबर24शुक्रवार00:55 – 05:25 (25 सितंबर)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण दशमी

अक्टूबर 2027

  • अक्टूबर1शुक्रवार05:35 – 18:12नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल द्वितीया
  • अक्टूबर4सोमवार05:28 – 00:44 (5 अक्टूबर)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल पंचमी
  • अक्टूबर15शुक्रवार07:07 – 05:33 (16 अक्टूबर)नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
  • अक्टूबर20बुधवार05:34 – 15:18नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण पंचमी
  • अक्टूबर21गुरुवार00:50 – 05:35 (22 अक्टूबर)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण सप्तमी
  • अक्टूबर22शुक्रवार05:35 – 11:56नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण सप्तमी
  • अक्टूबर27बुधवार05:38 – 08:42नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी

नवंबर 2027

  • नवंबर1सोमवार05:40 – 09:58नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल तृतीया
  • नवंबर4गुरुवार21:38 – 05:42 (5 नवंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल सप्तमी
  • नवंबर5शुक्रवार05:42 – 00:09 (6 नवंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • नवंबर8सोमवार05:44 – 03:14 (9 नवंबर)नक्षत्र: शतभिषातिथि: शुक्ल दशमी
  • नवंबर11गुरुवार10:07 – 05:47 (12 नवंबर)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • नवंबर12शुक्रवार05:47 – 10:21नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • नवंबर15सोमवार07:06 – 05:49 (16 नवंबर)नक्षत्र: रोहिणीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
  • नवंबर17बुधवार03:18 – 05:50 (18 नवंबर)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण पंचमी
  • नवंबर18गुरुवार05:50 – 23:27नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण पंचमी
  • नवंबर22सोमवार20:43 – 02:35 (23 नवंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण दशमी
  • नवंबर24बुधवार05:54 – 12:11नक्षत्र: हस्ततिथि: कृष्ण एकादशी
  • नवंबर25गुरुवार10:51 – 05:56 (26 नवंबर)नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • नवंबर26शुक्रवार05:56 – 09:48नक्षत्र: स्वातीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी

दिसंबर 2027

  • दिसंबर2गुरुवार13:44 – 06:00 (3 दिसंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: शुक्ल पंचमी
  • दिसंबर3शुक्रवार06:00 – 16:13नक्षत्र: श्रवणतिथि: शुक्ल पंचमी
  • दिसंबर8बुधवार06:04 – 06:57नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: शुक्ल दशमी
  • दिसंबर9गुरुवार06:35 – 15:15नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल एकादशी
  • दिसंबर13सोमवार10:50 – 06:07 (14 दिसंबर)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
  • दिसंबर15बुधवार11:21 – 02:47 (16 दिसंबर)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
  • दिसंबर22बुधवार06:12 – 12:05नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण दशमी
  • दिसंबर22बुधवार23:41 – 06:12 (23 दिसंबर)नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: कृष्ण एकादशी
  • दिसंबर23गुरुवार06:12 – 23:12नक्षत्र: स्वातीतिथि: कृष्ण एकादशी
  • दिसंबर24शुक्रवार00:50 – 06:13 (25 दिसंबर)नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण त्रयोदशी
  • दिसंबर29बुधवार07:25 – 06:15 (30 दिसंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • दिसंबर30गुरुवार06:15 – 06:16 (31 दिसंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: शुक्ल तृतीया
  • दिसंबर31शुक्रवार06:16 – 08:12नक्षत्र: श्रवणतिथि: शुक्ल तृतीया

समय उस अवधि को दिखाते हैं जिसमें तिथि, नक्षत्र, वार और योग सभी अनुकूल हैं। विवाह जैसे बड़े संस्कारों में इसी अवधि के भीतर लग्न देखकर अंतिम समय तय किया जाता है। रात के बाद का समय अगले दिन की सुबह (सूर्योदय से पहले) का है।

ये मुहूर्त कैसे चुने गए

शुभ नक्षत्र
अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
शुभ वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
शुभ तिथियाँ
शुक्ल: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
टाले गए योग
व्यतीपात, वैधृति
इन समयों को छोड़ा गया है
अधिक मास, भद्रा (विष्टि करण)

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सभी 63 शहर