बरेली

मुंडन मुहूर्त 2027: शुभ तिथियाँ और समय

बच्चे के पहले मुंडन (चूड़ाकर्म) संस्कार के लिए शुभ तिथियाँ और समय। मुंडन सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार को, चातुर्मास और खरमास के बाहर किया जाता है।

39 मुहूर्त · बरेली

जनवरी 2027

  • जनवरी15शुक्रवार07:05 – 14:13नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • जनवरी20बुधवार07:04 – 16:17नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • जनवरी22शुक्रवार07:38 – 07:04 (23 जनवरी)नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा

फ़रवरी 2027

  • फ़रवरी8सोमवार06:55 – 01:57 (9 फ़रवरी)नक्षत्र: शतभिषातिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • फ़रवरी10बुधवार04:56 – 06:53 (11 फ़रवरी)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
  • फ़रवरी11गुरुवार06:53 – 03:18 (12 फ़रवरी)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
  • फ़रवरी12शुक्रवार02:59 – 05:56 (13 फ़रवरी)नक्षत्र: अश्विनीतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • फ़रवरी18गुरुवार14:28 – 06:47 (19 फ़रवरी)नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • फ़रवरी19शुक्रवार06:47 – 11:14नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • फ़रवरी24बुधवार20:40 – 06:41 (25 फ़रवरी)नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
  • फ़रवरी25गुरुवार06:41 – 20:18नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: कृष्ण पंचमी

मार्च 2027

  • मार्च10बुधवार10:53 – 06:27 (11 मार्च)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • मार्च11गुरुवार06:27 – 15:37नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल तृतीया

अप्रैल 2027

  • अप्रैल19सोमवार05:43 – 06:08नक्षत्र: हस्ततिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • अप्रैल21बुधवार05:41 – 04:44 (22 अप्रैल)नक्षत्र: स्वातीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

मई 2027

  • मई10सोमवार18:08 – 03:48 (11 मई)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: शुक्ल पंचमी
  • मई12बुधवार05:24 – 14:56नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • मई17सोमवार16:28 – 01:10 (18 मई)नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • मई21शुक्रवार14:51 – 05:18 (22 मई)नक्षत्र: ज्येष्ठातिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

जून 2027

  • जून7सोमवार05:14 – 15:26नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: शुक्ल तृतीया
  • जून14सोमवार05:14 – 14:07नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल एकादशी
  • जून18शुक्रवार17:21 – 23:40नक्षत्र: ज्येष्ठातिथि: शुक्ल पूर्णिमा
  • जून23बुधवार15:43 – 05:16 (24 जून)नक्षत्र: धनिष्ठातिथि: कृष्ण पंचमी
  • जून24गुरुवार05:16 – 18:10नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषातिथि: कृष्ण पंचमी

जुलाई 2027

  • जुलाई5सोमवार05:20 – 05:20 (6 जुलाई)नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
  • जुलाई9शुक्रवार23:16 – 05:22 (10 जुलाई)नक्षत्र: हस्ततिथि: शुक्ल सप्तमी
  • जुलाई12सोमवार11:41 – 23:56नक्षत्र: स्वातीतिथि: शुक्ल दशमी

नवंबर 2027

  • नवंबर11गुरुवार10:07 – 06:31 (12 नवंबर)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • नवंबर12शुक्रवार06:31 – 10:21नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • नवंबर15सोमवार06:01 – 06:34 (16 नवंबर)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण तृतीया
  • नवंबर17बुधवार03:18 – 06:36 (18 नवंबर)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण पंचमी
  • नवंबर18गुरुवार06:36 – 23:27नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण पंचमी
  • नवंबर29सोमवार09:13 – 19:47नक्षत्र: ज्येष्ठातिथि: शुक्ल द्वितीया

दिसंबर 2027

  • दिसंबर2गुरुवार02:30 – 06:48 (3 दिसंबर)नक्षत्र: श्रवणतिथि: शुक्ल पंचमी
  • दिसंबर3शुक्रवार06:48 – 16:13नक्षत्र: श्रवणतिथि: शुक्ल पंचमी
  • दिसंबर8बुधवार06:35 – 06:52 (9 दिसंबर)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल एकादशी
  • दिसंबर9गुरुवार06:52 – 15:15नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल एकादशी
  • दिसंबर13सोमवार15:15 – 06:55 (14 दिसंबर)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
  • दिसंबर15बुधवार11:21 – 02:47 (16 दिसंबर)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

समय उस अवधि को दिखाते हैं जिसमें तिथि, नक्षत्र, वार और योग सभी अनुकूल हैं। विवाह जैसे बड़े संस्कारों में इसी अवधि के भीतर लग्न देखकर अंतिम समय तय किया जाता है। रात के बाद का समय अगले दिन की सुबह (सूर्योदय से पहले) का है।

ये मुहूर्त कैसे चुने गए

शुभ नक्षत्र
अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
शुभ वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
शुभ तिथियाँ
शुक्ल: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी
टाले गए योग
व्यतीपात, वैधृति
इन समयों को छोड़ा गया है
खरमास (सूर्य धनु या मीन में), चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी), गुरु या शुक्र अस्त, और उदय के बाद के पहले 3 दिन (बाल्यावस्था), अधिक मास, भद्रा (विष्टि करण)

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