गुवाहाटी
गृह प्रवेश मुहूर्त 2027: शुभ तिथियाँ और समय
नए घर में प्रवेश के लिए शुभ तिथियाँ और समय। गृह प्रवेश के लिए ध्रुव और मृदु नक्षत्र लिए जाते हैं और यह केवल माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक और मार्गशीर्ष मास में किया जाता है।
43 मुहूर्त · गुवाहाटी
जनवरी 2027
- जनवरी1शुक्रवार13:10 – 17:30नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण दशमी
फ़रवरी 2027
- फ़रवरी10बुधवार03:05 – 06:01 (11 फ़रवरी)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
- फ़रवरी11गुरुवार06:01 – 03:18 (12 फ़रवरी)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
- फ़रवरी22सोमवार11:55 – 05:52 (23 फ़रवरी)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
- फ़रवरी24बुधवार20:40 – 05:50 (25 फ़रवरी)नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
- फ़रवरी25गुरुवार05:50 – 09:33नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
- फ़रवरी27शनिवार11:40 – 21:55नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण सप्तमी
मार्च 2027
- मार्च3बुधवार01:06 – 05:44 (4 मार्च)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण एकादशी
- मार्च4गुरुवार05:44 – 07:24नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण एकादशी
- मार्च10बुधवार05:38 – 05:37 (11 मार्च)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
- मार्च11गुरुवार05:37 – 11:20नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल तृतीया
- मार्च15सोमवार05:32 – 10:51नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: शुक्ल सप्तमी
- मार्च22सोमवार16:13 – 20:46नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा
- मार्च24बुधवार05:23 – 19:25नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
- मार्च26शुक्रवार20:36 – 05:20 (27 मार्च)नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण पंचमी
- मार्च27शनिवार05:20 – 13:33नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण पंचमी
- मार्च31बुधवार22:16 – 05:14 (1 अप्रैल)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण दशमी
अप्रैल 2027
- अप्रैल1गुरुवार05:14 – 09:25नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण दशमी
मई 2027
- मई7शुक्रवार23:42 – 04:41 (8 मई)नक्षत्र: रोहिणीतिथि: शुक्ल द्वितीया
- मई8शनिवार04:41 – 04:40 (9 मई)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
- मई15शनिवार12:00 – 04:36 (16 मई)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
- मई17सोमवार16:28 – 01:10 (18 मई)नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- मई20गुरुवार16:29 – 04:34 (21 मई)नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण प्रतिपदा
- मई21शुक्रवार04:34 – 14:51नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण प्रतिपदा
- मई24सोमवार22:59 – 04:32 (25 मई)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण पंचमी
- मई31सोमवार10:02 – 04:30 (1 जून)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: कृष्ण एकादशी
जून 2027
- जून5शनिवार21:59 – 04:30 (6 जून)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल द्वितीया
- जून14सोमवार04:30 – 17:28नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल एकादशी
- जून16बुधवार19:44 – 03:20 (17 जून)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- जून21सोमवार05:04 – 04:31 (22 जून)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
- जून26शनिवार19:23 – 21:52नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: कृष्ण सप्तमी
नवंबर 2027
- नवंबर1सोमवार05:31 – 09:58नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल तृतीया
- नवंबर4गुरुवार21:38 – 05:34 (5 नवंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल सप्तमी
- नवंबर5शुक्रवार05:34 – 18:20नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल सप्तमी
- नवंबर11गुरुवार10:07 – 05:38 (12 नवंबर)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- नवंबर12शुक्रवार05:38 – 07:55नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- नवंबर15सोमवार07:06 – 05:41 (16 नवंबर)नक्षत्र: रोहिणीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
- नवंबर22सोमवार20:43 – 05:46 (23 नवंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण दशमी
दिसंबर 2027
- दिसंबर2गुरुवार13:44 – 02:30 (3 दिसंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल पंचमी
- दिसंबर8बुधवार05:57 – 06:57नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: शुक्ल दशमी
- दिसंबर9गुरुवार06:35 – 15:15नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल एकादशी
- दिसंबर13सोमवार21:38 – 06:01 (14 दिसंबर)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण प्रतिपदा
- दिसंबर22बुधवार06:06 – 00:09 (23 दिसंबर)नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी
समय उस अवधि को दिखाते हैं जिसमें तिथि, नक्षत्र, वार और योग सभी अनुकूल हैं। विवाह जैसे बड़े संस्कारों में इसी अवधि के भीतर लग्न देखकर अंतिम समय तय किया जाता है। रात के बाद का समय अगले दिन की सुबह (सूर्योदय से पहले) का है।
ये मुहूर्त कैसे चुने गए
- शुभ नक्षत्र
- रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
- शुभ वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार
- शुभ तिथियाँ
- शुक्ल: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी - मास (अमांत)
- वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ, फाल्गुन
- टाले गए योग
- व्यतीपात, वैधृति
- इन समयों को छोड़ा गया है
- गुरु या शुक्र अस्त, और उदय के बाद के पहले 3 दिन (बाल्यावस्था), अधिक मास, पृथ्वी लोक की भद्रा (चंद्र कर्क, सिंह, कुंभ या मीन में)
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