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व्यापार आरंभ मुहूर्त 2027: शुभ तिथियाँ और समय
दुकान, ऑफ़िस या नया व्यापार शुरू करने, सौदा करने या नए काम के आरंभ के लिए शुभ तिथियाँ और समय।
75 मुहूर्त · गया
जनवरी 2027
- जनवरी15शुक्रवार06:36 – 14:13नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल सप्तमी
- जनवरी20बुधवार06:35 – 16:17नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- जनवरी22शुक्रवार10:25 – 06:35 (23 जनवरी)नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
- जनवरी25सोमवार06:00 – 06:34 (26 जनवरी)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण पंचमी
- जनवरी28गुरुवार15:52 – 00:33 (29 जनवरी)नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण सप्तमी
फ़रवरी 2027
- फ़रवरी4गुरुवार15:32 – 16:31नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण त्रयोदशी
- फ़रवरी10बुधवार03:05 – 06:27 (11 फ़रवरी)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
- फ़रवरी11गुरुवार06:27 – 03:18 (12 फ़रवरी)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
- फ़रवरी12शुक्रवार02:59 – 05:56 (13 फ़रवरी)नक्षत्र: अश्विनीतिथि: शुक्ल सप्तमी
- फ़रवरी18गुरुवार21:06 – 06:21 (19 फ़रवरी)नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- फ़रवरी19शुक्रवार06:21 – 11:14नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- फ़रवरी22सोमवार11:55 – 06:18 (23 फ़रवरी)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
- फ़रवरी24बुधवार20:40 – 06:16 (25 फ़रवरी)नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
- फ़रवरी25गुरुवार06:16 – 09:33नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
मार्च 2027
- मार्च3बुधवार01:06 – 06:10 (4 मार्च)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण एकादशी
- मार्च4गुरुवार06:10 – 07:24नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण एकादशी
- मार्च5शुक्रवार09:54 – 04:21 (6 मार्च)नक्षत्र: श्रवणतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
- मार्च10बुधवार06:04 – 06:03 (11 मार्च)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
- मार्च11गुरुवार06:03 – 15:37नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल तृतीया
अप्रैल 2027
- अप्रैल19सोमवार05:24 – 06:08नक्षत्र: हस्ततिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- अप्रैल23शुक्रवार14:13 – 15:54नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण तृतीया
- अप्रैल28बुधवार05:17 – 12:31नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण सप्तमी
मई 2027
- मई3सोमवार20:04 – 05:12 (4 मई)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
- मई7शुक्रवार23:42 – 05:10 (8 मई)नक्षत्र: रोहिणीतिथि: शुक्ल द्वितीया
- मई12बुधवार05:07 – 14:56नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल सप्तमी
- मई17सोमवार16:28 – 01:10 (18 मई)नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- मई20गुरुवार13:21 – 05:03 (21 मई)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
- मई21शुक्रवार05:03 – 14:51नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण प्रतिपदा
- मई24सोमवार22:59 – 05:02 (25 मई)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण पंचमी
- मई31सोमवार10:02 – 05:00 (1 जून)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: कृष्ण एकादशी
जून 2027
- जून2बुधवार08:29 – 12:17नक्षत्र: अश्विनीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
- जून14सोमवार05:00 – 14:07नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल एकादशी
- जून16बुधवार19:44 – 03:20 (17 जून)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- जून21सोमवार05:04 – 23:50नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
- जून28सोमवार22:49 – 05:03 (29 जून)नक्षत्र: अश्विनीतिथि: कृष्ण दशमी
जुलाई 2027
- जुलाई1गुरुवार19:31 – 05:04 (2 जुलाई)नक्षत्र: रोहिणीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
- जुलाई2शुक्रवार05:04 – 15:23नक्षत्र: रोहिणीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
- जुलाई5सोमवार09:19 – 05:05 (6 जुलाई)नक्षत्र: पुष्यतिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
- जुलाई9शुक्रवार14:04 – 05:07 (10 जुलाई)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल सप्तमी
- जुलाई19सोमवार05:11 – 05:12 (20 जुलाई)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
- जुलाई23शुक्रवार01:54 – 05:13 (24 जुलाई)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: कृष्ण पंचमी
- जुलाई26सोमवार05:14 – 10:25नक्षत्र: अश्विनीतिथि: कृष्ण सप्तमी
- जुलाई29गुरुवार07:34 – 05:13 (30 जुलाई)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: कृष्ण एकादशी
अगस्त 2027
- अगस्त5गुरुवार02:27 – 05:20 (6 अगस्त)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: शुक्ल पंचमी
- अगस्त6शुक्रवार05:20 – 00:23 (7 अगस्त)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल पंचमी
- अगस्त11बुधवार05:22 – 09:14नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल दशमी
- अगस्त26गुरुवार17:39 – 04:36 (27 अगस्त)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण दशमी
सितंबर 2027
- सितंबर1बुधवार19:50 – 05:31 (2 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: शुक्ल द्वितीया
- सितंबर2गुरुवार05:31 – 05:31 (3 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्ततिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
- सितंबर3शुक्रवार05:31 – 14:19नक्षत्र: हस्ततिथि: शुक्ल तृतीया
- सितंबर6सोमवार03:48 – 05:33 (7 सितंबर)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल सप्तमी
- सितंबर10शुक्रवार23:50 – 05:34 (11 सितंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल एकादशी
- सितंबर13सोमवार05:35 – 06:05नक्षत्र: श्रवणतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- सितंबर16गुरुवार13:44 – 05:36 (17 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: कृष्ण प्रतिपदा
- सितंबर17शुक्रवार05:36 – 05:36 (18 सितंबर)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवतीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
- सितंबर22बुधवार17:17 – 02:00 (23 सितंबर)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: कृष्ण सप्तमी
अक्टूबर 2027
- अक्टूबर1शुक्रवार05:41 – 18:12नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल द्वितीया
- अक्टूबर4सोमवार05:42 – 00:44 (5 अक्टूबर)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल पंचमी
- अक्टूबर15शुक्रवार07:07 – 05:48 (16 अक्टूबर)नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
- अक्टूबर20बुधवार05:50 – 15:18नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण पंचमी
- अक्टूबर27बुधवार05:53 – 08:42नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण त्रयोदशी
नवंबर 2027
- नवंबर1सोमवार05:56 – 09:58नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल तृतीया
- नवंबर4गुरुवार21:38 – 05:59 (5 नवंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल सप्तमी
- नवंबर5शुक्रवार05:59 – 00:09 (6 नवंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: शुक्ल सप्तमी
- नवंबर11गुरुवार10:07 – 06:03 (12 नवंबर)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- नवंबर12शुक्रवार06:03 – 10:21नक्षत्र: रेवती, अश्विनीतिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- नवंबर15सोमवार07:06 – 06:06 (16 नवंबर)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
- नवंबर22सोमवार20:43 – 02:35 (23 नवंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण दशमी
- नवंबर24बुधवार06:12 – 12:11नक्षत्र: हस्ततिथि: कृष्ण एकादशी
- नवंबर25गुरुवार10:51 – 18:17नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण त्रयोदशी
दिसंबर 2027
- दिसंबर2गुरुवार13:44 – 06:18 (3 दिसंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवणतिथि: शुक्ल पंचमी
- दिसंबर3शुक्रवार06:18 – 16:13नक्षत्र: श्रवणतिथि: शुक्ल पंचमी
- दिसंबर8बुधवार06:22 – 06:57नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: शुक्ल दशमी
- दिसंबर9गुरुवार06:35 – 15:15नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल एकादशी
- दिसंबर13सोमवार10:50 – 06:25 (14 दिसंबर)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: शुक्ल पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
समय उस अवधि को दिखाते हैं जिसमें तिथि, नक्षत्र, वार और योग सभी अनुकूल हैं। विवाह जैसे बड़े संस्कारों में इसी अवधि के भीतर लग्न देखकर अंतिम समय तय किया जाता है। रात के बाद का समय अगले दिन की सुबह (सूर्योदय से पहले) का है।
ये मुहूर्त कैसे चुने गए
- शुभ नक्षत्र
- अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
- शुभ वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- शुभ तिथियाँ
- शुक्ल: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी - टाले गए योग
- व्यतीपात, वैधृति
- इन समयों को छोड़ा गया है
- खरमास (सूर्य धनु या मीन में), अधिक मास, भद्रा (विष्टि करण)
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